Income Tax 2026 नौकरी बदलने पर नए नियोक्ता को मिलेगा Form -122, नौकरी बदलने के दौरान होने वाली टैक्स गड़बड़ियों को कम करना मुख्य उद्देश्य

Income Tax 2026 नौकरी बदलने पर नए नियोक्ता को मिलेगा Form -122, नौकरी बदलने के दौरान होने वाली टैक्स गड़बड़ियों को कम करना मुख्य उद्देश्य

अगर आपने एक ही वित्त वर्ष में नौकरी बदली है, तो अब टैक्स से जुड़ा एक नया नियम आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। आयकर विभाग ने वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए नया 'फॉर्म 122' शुरू किया है, जिसका उद्देश्य नौकरी बदलने के दौरान होने वाली टैक्स गड़बड़ियों को कम करना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फॉर्म नहीं भरने पर कर्मचारी के वेतन से जरूरत से ज्यादा टैक्स कट सकता है और बाद में रिफंड पाने के लिए महीनों इंतजार करना पड़ सकता है। इसलिए नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए यह नया फॉर्म बेहद अहम माना जा रहा है।

क्यों पड़ी इसकी जरूरत
अब तक नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को पुराने नियोक्ता से मिली आय और वहां कटे टैक्स की जानकारी नए नियोक्ता को अलग-अलग फॉर्म के जरिए देनी पड़ती थी। इसमें मुख्य रूप से फॉर्म 12बी और फॉर्म 12 बीएए का इस्तेमाल होता था। लेकिन कई कर्मचारी जानकारी समय पर नहीं दे पाते या नई कंपनी तक पूरी जानकारी पहुंचती नहीं थी। इसके चलते नया नियोक्ता कर्मचारी की पूरी आय को नई आय मानकर टैक्स काटना शुरू कर देता था।



क्या है नया फॉर्म 122
यह फॉर्म एक संयुक्त घोषणा पत्र है। इसके जरिए कर्मचारी को अपनी पुरानी नौकरी से मिली आय, वहां कटे टैक्स, मकान से होने वाले नुकसान, बैंक ब्याज जैसी अन्य आय और पहले से कटे टीडीएस या टीसीएस की जानकारी देनी होती है। इस जानकारी के आधार पर नया नियोक्ता सही कर देनदारी तय करता है और उसी अनुसार स्रोत पर कर कटौती करता है।


इसलिए भरना जरूरी
यह फॉर्म कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है, लेकिन कर विशेषज्ञ इसे बेहद जरूरी मान रहे हैं। उनका कहना है कि यदि कर्मचारी यह फॉर्म जमा नहीं करता, तो नया नियोक्ता केवल वर्तमान वेतन के आधार पर टैक्स काटेगा। ऐसी स्थिति में कर्मचारी के वेतन से जरूरत से ज्यादा टैक्स कट सकता है। बाद में आयकर रिटर्न भरते समय उसे रिफंड के लिए दावा करना पड़ेगा और रिफंड आने में कई महीने लग सकते हैं। इतना ही नहीं, यदि कर्मचारी का कुल बकाया टैक्स 10,000 रुपये से अधिक है, तो एडवांस टैक्स न चुकाने का जुर्माना भी लग सकता है। यह आयकर अधिनियम की धारा 234बी और 234सी के तहत ब्याज के रूप में वसूली जाती है।


फॉर्म देना भूल गए हैं तो...
अगर कोई कर्मचारी नई कंपनी में नौकरी शुरू कर चुका है और फॉर्म 122 जमा करना भूल गया है तो भी स्थिति को संभाला जा सकता है। सबसे पहले पुरानी कंपनी से 'फुल एंड फाइनल' सेटलमेंट की स्लिप लें। इसमें कुल वेतन और कटे हुए टीडीएस का पूरा हिसाब होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आयकर रिटर्न भरते समय दोनों कंपनियों के फॉर्म 16 को साथ रखें। कुल आय को जोड़ें और देखें कि क्या टीडीएस कम कटा है। यदि हां, तो रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख का इंतजार न करें। बकाया राशि को 'सेल्फ असेसमेंट टैक्स' के रूप में तुरंत जमा करें।


किसे भरना होगा यह फॉर्म

जिन्होंने वित्त वर्ष के बीच में नौकरी बदली हो
जिन कर्मचारियों की एक से अधिक नौकरी रही हो
जिनकी ब्याज, किराया या अन्य आय हो
जिन पर पहले से टीडीएस कट चुका हो
जो मकान ऋण के ब्याज का लाभ लेना चाहते हों

किन बातों का रखें ध्यान

पुरानी कंपनी का फॉर्म-16 संभालकर रखें, पुरानी आय और टैक्स की सही जानकारी दें, अन्य आय छिपाएं नहीं, नया फॉर्म समय पर जमा करें 


क्या फायदा होगा

1. सही टैक्स कटौती
पूरे साल की आय का सही हिसाब से टैक्स काटा जाएगा।

2. रिफंड की परेशानी कम
जरूरत से ज्यादा टैक्स नहीं कटेगा।

3. टैक्स योजना आसान
कर्मचारी पहले से समझ पाएगा कि पूरे साल कितना टैक्स देना है।

4. अन्य आय का लाभ
अगर किसी दूसरी आय पर पहले से टैक्स कट चुका है, तो उसका लाभ भी मिल सकेगा।

5. मकान के नुकसान का भी फायदा
फॉर्म 122 के जरिए कर्मचारी मकान से होने वाले नुकसान की जानकारी भी दे सकता है। मान लीजिए किसी कर्मचारी ने घर खरीदने के लिए ऋण लिया है और ब्याज के कारण उसे 'हाउस प्रॉपर्टी लॉस' हो रहा है, तो वह यह जानकारी नए नियोक्ता को दे सकता है। इससे टैक्स देनदारी कम हो सकती है।

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